“Books and Authors प्रश्न: सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा को संदर्भ कृति मानते हुए, कौन-सा पुस्तक–लेखक युग्म सही सुमेलित है?” का सत्यापित उत्तर सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा — मोहनदास करमचंद गांधी है और सही विकल्प C है। Source-backed प्रश्न-विशिष्ट record यह बताता है: सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा का सही संबंध मोहनदास करमचंद गांधी से है। इस कृति के प्रथम प्रकाशन की स्वीकृत तिथि 1927 है और इसकी मूल भाषा गुजराती है। प्रश्न में पुस्तक, लेखक और भाषा—इन तीनों का संयुक्त मिलान निर्णायक है। मोहनदास करमचंद गांधी एक प्रमुख भारतीय साहित्यकार हैं और उनकी एक अन्य चर्चित रचना हिंद स्वराज है; इसलिए लेखक की पहचान केवल अनुमान से नहीं, दूसरी कृति के आधार पर भी पुष्ट की जा सकती है। विकल्प कठिन इसलिए लगते हैं क्योंकि उनमें वास्तविक लेखक, भाषाएँ, तिथियाँ या प्रसिद्ध शीर्षक दिए गए हैं, किंतु उनके घटकों को आपस में बदल दिया गया है। भ्रामक विकल्प (द आर्ग्युमेंटेटिव इंडियन — अमीश त्रिपाठी; द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा — वी. नायपॉल; अ हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास — अमर्त्य सेन) को पूरे कथन के रूप में जाँचना चाहिए; किसी एक अंश का सही होना पूरे विकल्प को सही नहीं बनाता। पहले शीर्षक को लेखक से जोड़ें, फिर मूल भाषा जाँचें और अंत में 1927 को कालक्रम की कसौटी बनाएँ। परीक्षाओं में सामान्य भ्रम लेखक की राष्ट्रीयता को रचना की भाषा समझ लेने, अनुवाद की तिथि को प्रथम प्रकाशन मान लेने, या बाद के संस्करण को मूल संस्करण मानने से पैदा होता है। यहाँ सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा, मोहनदास करमचंद गांधी, गुजराती और 1927 वाला संबंध ही पूर्णतः सही है; अन्य प्रत्येक विकल्प में कम-से-कम एक संबंध टूटता है। त्वरित पुनरावृत्ति सूत्र रखें—“सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा — मोहनदास करमचंद गांधी — गुजराती — 1927”—और इसे हिंद स्वराज से भी जोड़ें। यह evidence इस Books and Authors item में.