सही उत्तर पुर्तगाल है, क्योंकि स्पेन और पुर्तगाल दोनों ने औपचारिक रूप से 1 जनवरी 1986 को यूरोपीय आर्थिक समुदाय की सदस्यता ग्रहण की, जो समुदाय का तीसरा विस्तार-चरण था और पहली बार इसकी सदस्यता को पूर्ण रूप से इबेरियन प्रायद्वीप तक विस्तारित करता था। दोनों देश बीसवीं शताब्दी में लंबे समय तक चले सत्तावादी शासन से उबरे थे — स्पेन 1975 तक फ्रांसिस्को फ्रैंको के अधीन और पुर्तगाल 1974 तक एस्तादो नोवो शासन के अधीन — और समुदाय में उनकी सदस्यता लोकतांत्रिक सुदृढ़ीकरण तथा पश्चिमी यूरोपीय आर्थिक व राजनीतिक संरचनाओं के साथ निकटतर एकीकरण का प्रतीक थी। इस संयुक्त सदस्यता का उल्लेख अक्सर यूरोपीय संघ के ऐतिहासिक विस्तार-क्रम से जुड़े प्रश्नों में किया जाता है, साथ ही 1957 के छह संस्थापक सदस्यों (फ्रांस, पश्चिम जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग) तथा 1973 में यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड और डेनमार्क के प्रवेश जैसे पूर्ववर्ती विस्तार-चरणों के साथ भी किया जाता है। विकल्पों में फ्रांस 1957 से ही छह संस्थापक सदस्यों में से एक था और इसलिए 1986 में स्पेन के साथ 'शामिल' नहीं हो सकता था, जिससे यह उन छात्रों के लिए एक सीधा परंतु परिचित लगने वाला गलत उत्तर बनता है जो फ्रांस को यूरोपीय एकीकरण से निकटता से जोड़ते हैं। अंडोरा, स्पेन और फ्रांस के बीच पिरेनीज़ में स्थित एक सूक्ष्म-राष्ट्र, दोनों सदस्य देशों की भौगोलिक निकटता के बावजूद कभी भी समुदाय या यूरोपीय संघ का पूर्ण सदस्य नहीं रहा, जिससे यह विश्वसनीय लगने वाला परंतु तथ्यात्मक रूप से गलत विकल्प बनता है। इटली, फ्रांस की तरह, 1957 में संस्थापक सदस्य था और इसलिए 1986 के विस्तार-चरण में शामिल नहीं हो सकता था।