हड़प्पा सभ्यता गैर-आर्य थी क्योंकि—
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“हड़प्पा सभ्यता गैर-आर्य थी क्योंकि—” का सीधा उत्तर यह नगरीय सभ्यता थी है। यह प्रश्न हड़प्पा अथवा सिंधु सभ्यता के एक महत्वपूर्ण तथ्य की जाँच करता है। सही उत्तर के लिए यह पहचानना आवश्यक है कि प्रश्न किसी स्थल, खोजकर्ता, उत्खनन, नगर-योजना, पुरावशेष, फसल, लिपि, व्यापार, धार्मिक व्याख्या, भौगोलिक विस्तार, कालक्रम या सभ्यता के पतन और विरासत से संबंधित है। सिंधु सभ्यता का परिपक्व नगरीय चरण सामान्यतः लगभग 2600–1900 ईसा पूर्व माना जाता है, जबकि उसके विकासक्रम में प्रारंभिक और उत्तर हड़प्पा चरण भी शामिल हैं। इसका विस्तार वर्तमान पाकिस्तान के साथ भारत के उत्तर-पश्चिमी तथा पश्चिमी भागों तक था। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, लोथल, कालीबंगा, राखीगढ़ी, बनावली, चन्हूदड़ो और सुरकोटड़ा प्रमुख स्थल हैं।