भारत की कृषि में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “मानसून के बाद सामान्यतः बोई जाने वाली शीतकालीन फसलें” तथा “ये मुख्यतः ठंडे और अपेक्षाकृत शुष्क महीनों में बढ़ती हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — रबी फसलें। रबी फसलें की सही पहचान मानसून के बाद सामान्यतः बोई जाने वाली शीतकालीन फसलें के रूप में होती है। रबी फसलें का संबंध ये मुख्यतः ठंडे और अपेक्षाकृत शुष्क महीनों में बढ़ती हैं से भी है। रबी फसलें की एक अन्य पहचान गेहूं, चना, सरसों और जौ सामान्य उदाहरण हैं है। रबी फसलें का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य जहां शीतकालीन वर्षा अपर्याप्त है वहां सिंचाई महत्वपूर्ण होती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — जायद फसलें: जायद फसलें रबी और खरीफ ऋतुओं के बीच उगाई जाने वाली अल्पावधि फसलें है। यहां यह गलत है क्योंकि जायद फसलें का वास्तविक संबंध इनका मौसम मुख्यतः मानसून से पहले गर्मी के महीनों में होता है से है। • विकल्प C — चावल: चावल सामान्यतः खरीफ फसल के रूप में उगाई जाने वाली प्रमुख खाद्य फसल है। यहां यह गलत है क्योंकि चावल का वास्तविक संबंध वृद्धि के दौरान गर्म परिस्थितियों और प्रचुर जल में अच्छी तरह उगती है से है। • विकल्प D — गेहूं: गेहूं सामान्यतः रबी फसल के रूप में उगाया जाने वाला प्रमुख अनाज है। यहां यह गलत है क्योंकि गेहूं का वास्तविक संबंध वृद्धि के समय ठंडा और पकने पर गर्म शुष्क मौसम अनुकूल होता है से है। परीक्षा सार: रबी फसलें को “मानसून के बाद सामान्यतः बोई जाने वाली शीतकालीन फसलें” और “ये मुख्यतः ठंडे और अपेक्षाकृत शुष्क महीनों में बढ़ती हैं” से जोड़कर याद रखें।