भारत की कृषि में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “गेहूं, चना, सरसों और जौ सामान्य उदाहरण हैं” तथा “जहां शीतकालीन वर्षा अपर्याप्त है वहां सिंचाई महत्वपूर्ण होती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — रबी फसलें। रबी फसलें की सही पहचान गेहूं, चना, सरसों और जौ सामान्य उदाहरण हैं के रूप में होती है। रबी फसलें का संबंध जहां शीतकालीन वर्षा अपर्याप्त है वहां सिंचाई महत्वपूर्ण होती है से भी है। रबी फसलें की एक अन्य पहचान गेहूं, चना, सरसों और जौ सामान्य उदाहरण हैं है। रबी फसलें का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य जहां शीतकालीन वर्षा अपर्याप्त है वहां सिंचाई महत्वपूर्ण होती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — जायद फसलें: जायद फसलें तरबूज, खरबूजा और खीरा सामान्य उदाहरण हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि जायद फसलें का वास्तविक संबंध कम वर्षा के कारण प्रायः सुनिश्चित सिंचाई आवश्यक होती है से है। • विकल्प B — चावल: चावल समतल खेत और चिकनी या जलोढ़ मिट्टी जल रोकने में सहायक हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि चावल का वास्तविक संबंध सिंचाई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के बाहर भी इसकी खेती संभव बनाती है से है। • विकल्प D — गेहूं: गेहूं उपजाऊ, अच्छे जलनिकास वाली दोमट और जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त है है। यहां यह गलत है क्योंकि गेहूं का वास्तविक संबंध सिंचाई उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी मैदानों में उत्पादन को सहारा देती है से है। परीक्षा सार: रबी फसलें को “गेहूं, चना, सरसों और जौ सामान्य उदाहरण हैं” और “जहां शीतकालीन वर्षा अपर्याप्त है वहां सिंचाई महत्वपूर्ण होती है” से जोड़कर याद रखें।