भारत की कृषि में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “समतल खेत और चिकनी या जलोढ़ मिट्टी जल रोकने में सहायक हैं” तथा “सिंचाई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के बाहर भी इसकी खेती संभव बनाती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — चावल। चावल की सही पहचान समतल खेत और चिकनी या जलोढ़ मिट्टी जल रोकने में सहायक हैं के रूप में होती है। चावल का संबंध सिंचाई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के बाहर भी इसकी खेती संभव बनाती है से भी है। चावल की एक अन्य पहचान समतल खेत और चिकनी या जलोढ़ मिट्टी जल रोकने में सहायक हैं है। चावल का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य सिंचाई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के बाहर भी इसकी खेती संभव बनाती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — गेहूं: गेहूं उपजाऊ, अच्छे जलनिकास वाली दोमट और जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त है है। यहां यह गलत है क्योंकि गेहूं का वास्तविक संबंध सिंचाई उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी मैदानों में उत्पादन को सहारा देती है से है। • विकल्प B — मोटे अनाज: मोटे अनाज ये रेशा, खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि मोटे अनाज का वास्तविक संबंध इनकी सहनशीलता इन्हें वर्षा-आधारित कृषि में उपयोगी बनाती है से है। • विकल्प D — दलहन: दलहन जड़ ग्रंथि जीवाणु अनेक दलहनों को वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिर करने में सहायता करते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि दलहन का वास्तविक संबंध मृदा उर्वरता प्रबंधन हेतु फसल चक्र में इनका महत्व है से है। परीक्षा सार: चावल को “समतल खेत और चिकनी या जलोढ़ मिट्टी जल रोकने में सहायक हैं” और “सिंचाई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के बाहर भी इसकी खेती संभव बनाती है” से जोड़कर याद रखें।