भारत की कृषि में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “कई मोटे अनाज अपेक्षाकृत शुष्क दशाओं और कम उपजाऊ मिट्टी को सहन करते हैं” तथा “ये रेशा, खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प B — मोटे अनाज। मोटे अनाज की सही पहचान कई मोटे अनाज अपेक्षाकृत शुष्क दशाओं और कम उपजाऊ मिट्टी को सहन करते हैं के रूप में होती है। मोटे अनाज का संबंध ये रेशा, खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं से भी है। मोटे अनाज की एक अन्य पहचान ये रेशा, खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं है। मोटे अनाज का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इनकी सहनशीलता इन्हें वर्षा-आधारित कृषि में उपयोगी बनाती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — दलहन: दलहन चना, अरहर, उड़द, मूंग और मसूर सामान्य उदाहरण हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि दलहन का वास्तविक संबंध जड़ ग्रंथि जीवाणु अनेक दलहनों को वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिर करने में सहायता करते हैं से है। • विकल्प C — गन्ना: गन्ना वृद्धि के दौरान गर्म जलवायु और पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है है। यहां यह गलत है क्योंकि गन्ना का वास्तविक संबंध उपजाऊ गहरी मिट्टी और विश्वसनीय सिंचाई अधिक उपज के लिए अनुकूल हैं से है। • विकल्प D — कपास: कपास गर्म पाला-रहित दशाएं और तेज धूप इसकी वृद्धि के लिए अनुकूल हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि कपास का वास्तविक संबंध दक्कन में काली मिट्टी विशेष रूप से कपास की खेती से जुड़ी है से है। परीक्षा सार: मोटे अनाज को “कई मोटे अनाज अपेक्षाकृत शुष्क दशाओं और कम उपजाऊ मिट्टी को सहन करते हैं” और “ये रेशा, खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं” से जोड़कर याद रखें।