भारत के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में कौन-सा पद “यह तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के भागों में फैला है” और “इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं” से सही पहचाना जाता है?
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सही उत्तर: विकल्प B — नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र। नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र सही है क्योंकि यह यह तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के भागों में फैला है है। नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का विशिष्ट संबंध इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं से भी है। दो अन्य पहचान तथ्य हैं कि नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं है और नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का संबंध यह भारत का पहला नामित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र था से है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — नंदा देवी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: नंदा देवी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नंदा देवी और फूलों की घाटी भू-दृश्य इससे जुड़े हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान अल्पाइन घासभूमि, हिमनद और दुर्गम पर्वतीय आवास प्रमुख हैं है। • विकल्प C — मन्नार की खाड़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: मन्नार की खाड़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र इसमें द्वीप और उथले तटीय जल शामिल हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान प्रवाल भित्ति, समुद्री घास और मैंग्रोव महत्वपूर्ण पारितंत्र हैं है। • विकल्प D — सुंदरबन जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: सुंदरबन जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र यह निचले गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना डेल्टा में स्थित है है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान ज्वारीय खाड़ियां, कीचड़ मैदान और मैंग्रोव द्वीप भू-दृश्य में प्रमुख हैं है। परीक्षा सार: नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को “यह तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के भागों में फैला है” और “इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं” से जोड़ें।