भारत के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में कौन-सा पद “पश्चिमी घाट में स्थित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र” तथा “इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं” दोनों तथ्यों को जोड़ता है?
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सही उत्तर: विकल्प C — नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र। नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र सही है क्योंकि यह इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं है। नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का विशिष्ट संबंध पश्चिमी घाट में स्थित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र से भी है। दो अन्य पहचान तथ्य हैं कि नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं है और नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का संबंध यह भारत का पहला नामित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र था से है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — नंदा देवी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: नंदा देवी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र अल्पाइन घासभूमि, हिमनद और दुर्गम पर्वतीय आवास प्रमुख हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान उत्तराखंड का उच्च हिमालयी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। • विकल्प B — मन्नार की खाड़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: मन्नार की खाड़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र प्रवाल भित्ति, समुद्री घास और मैंग्रोव महत्वपूर्ण पारितंत्र हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान तमिलनाडु तट के साथ समुद्री जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। • विकल्प D — सुंदरबन जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र: सुंदरबन जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र ज्वारीय खाड़ियां, कीचड़ मैदान और मैंग्रोव द्वीप भू-दृश्य में प्रमुख हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि इसकी अलग वास्तविक पहचान पश्चिम बंगाल का डेल्टाई मैंग्रोव जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। परीक्षा सार: नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को “इसमें पर्वतीय शोला-घासभूमि और उष्णकटिबंधीय वन आवास पाए जाते हैं” और “पश्चिमी घाट में स्थित जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र” से जोड़ें।