भारत की जलवायु में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “बंगाल की खाड़ी के अवदाब और चक्रवात इसकी वर्षा बढ़ा सकते हैं” तथा “लौटते मानसून काल से संबंधित मौसमी पवन व्यवस्था” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प D — उत्तर-पूर्व मानसून। उत्तर-पूर्व मानसून की सही पहचान बंगाल की खाड़ी के अवदाब और चक्रवात इसकी वर्षा बढ़ा सकते हैं के रूप में होती है। उत्तर-पूर्व मानसून का संबंध लौटते मानसून काल से संबंधित मौसमी पवन व्यवस्था से भी है। उत्तर-पूर्व मानसून की एक अन्य पहचान पवनें बंगाल की खाड़ी पार कर दक्षिण-पूर्वी तट तक पहुंचने से पहले नमी ग्रहण करती हैं है। उत्तर-पूर्व मानसून का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य बंगाल की खाड़ी के अवदाब और चक्रवात इसकी वर्षा बढ़ा सकते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र: अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र उत्तरी भारत में इसकी मानसूनी स्थिति मानसून द्रोणी से जुड़ी होती है है। यहां यह गलत है क्योंकि अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र का वास्तविक संबंध निम्न-दाब पट्टी जहां व्यापारिक पवन प्रणालियां अभिसरित होती हैं से है। • विकल्प B — मानसून द्रोणी: मानसून द्रोणी इसके साथ चलने वाले अवदाब व्यापक वर्षा करा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि मानसून द्रोणी का वास्तविक संबंध ग्रीष्म मानसून में उत्तरी भारत पर फैला लंबा निम्न-दाब क्षेत्र से है। • विकल्प C — पश्चिमी विक्षोभ: पश्चिमी विक्षोभ इसकी वर्षा शीतकालीन रबी फसल के लिए लाभकारी हो सकती है है। यहां यह गलत है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का वास्तविक संबंध पूर्व की ओर बढ़ने वाली बहिरोष्णकटिबंधीय मौसम प्रणाली से है। परीक्षा सार: उत्तर-पूर्व मानसून को “बंगाल की खाड़ी के अवदाब और चक्रवात इसकी वर्षा बढ़ा सकते हैं” और “लौटते मानसून काल से संबंधित मौसमी पवन व्यवस्था” से जोड़कर याद रखें।