भारत की जलवायु में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “इसके उत्तर-दक्षिण खिसकने से मानसूनी वर्षा का वितरण बदलता है” तथा “इसके साथ चलने वाले अवदाब व्यापक वर्षा करा सकते हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — मानसून द्रोणी। मानसून द्रोणी की सही पहचान इसके उत्तर-दक्षिण खिसकने से मानसूनी वर्षा का वितरण बदलता है के रूप में होती है। मानसून द्रोणी का संबंध इसके साथ चलने वाले अवदाब व्यापक वर्षा करा सकते हैं से भी है। मानसून द्रोणी की एक अन्य पहचान इसके उत्तर-दक्षिण खिसकने से मानसूनी वर्षा का वितरण बदलता है है। मानसून द्रोणी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इसके साथ चलने वाले अवदाब व्यापक वर्षा करा सकते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — पश्चिमी विक्षोभ: पश्चिमी विक्षोभ यह उत्तर-पश्चिमी मैदानों में शीतकालीन वर्षा और पश्चिमी हिमालय में हिमपात लाती है है। यहां यह गलत है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का वास्तविक संबंध इसकी वर्षा शीतकालीन रबी फसल के लिए लाभकारी हो सकती है से है। • विकल्प B — लू: लू यह विशेष रूप से गर्म दोपहर की परिस्थितियों से जुड़ी है है। • विकल्प D — आम्र वर्षा: आम्र वर्षा ये आमों को जल्दी पकने में सहायता करती हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि आम्र वर्षा का वास्तविक संबंध ये मानसून-पूर्व बागानी फसल परिस्थितियों में भी सहायक हो सकती हैं से है। परीक्षा सार: मानसून द्रोणी को “इसके उत्तर-दक्षिण खिसकने से मानसूनी वर्षा का वितरण बदलता है” और “इसके साथ चलने वाले अवदाब व्यापक वर्षा करा सकते हैं” से जोड़कर याद रखें।