भारत की जलवायु में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “मानसून-पूर्व ग्रीष्म की अत्यधिक गर्म और शुष्क स्थानीय पवन” तथा “यह उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी मैदानों के भागों में चलती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — लू। लू की सही पहचान मानसून-पूर्व ग्रीष्म की अत्यधिक गर्म और शुष्क स्थानीय पवन के रूप में होती है। लू का संबंध यह उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी मैदानों के भागों में चलती है से भी है। लू की एक अन्य पहचान यह विशेष रूप से गर्म दोपहर की परिस्थितियों से जुड़ी है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — आम्र वर्षा: आम्र वर्षा दक्षिण भारत की मानसून-पूर्व संवहनीय वर्षा है। यहां यह गलत है क्योंकि आम्र वर्षा का वास्तविक संबंध ये सामान्यतः केरल और तटीय कर्नाटक से जुड़ी हैं से है। • विकल्प C — काल बैसाखी: काल बैसाखी नॉरवेस्टर कहलाने वाला तीव्र मानसून-पूर्व आंधी-तूफान है। यहां यह गलत है क्योंकि काल बैसाखी का वास्तविक संबंध यह विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और निकटवर्ती पूर्वी भारत से जुड़ा है से है। • विकल्प D — एल नीनो: एल नीनो एल नीनो-दक्षिणी दोलन का उष्ण चरण है। यहां यह गलत है क्योंकि एल नीनो का वास्तविक संबंध इसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत का असामान्य गर्म होना शामिल है से है। परीक्षा सार: लू को “मानसून-पूर्व ग्रीष्म की अत्यधिक गर्म और शुष्क स्थानीय पवन” और “यह उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी मैदानों के भागों में चलती है” से जोड़कर याद रखें।