भारत की जलवायु में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “भारतीय वर्षा पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है पर प्रत्येक घटना में समान नहीं होता” तथा “एल नीनो-दक्षिणी दोलन का उष्ण चरण” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प D — एल नीनो। एल नीनो की सही पहचान भारतीय वर्षा पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है पर प्रत्येक घटना में समान नहीं होता के रूप में होती है। एल नीनो का संबंध एल नीनो-दक्षिणी दोलन का उष्ण चरण से भी है। एल नीनो की एक अन्य पहचान यह भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाले वायुमंडलीय परिसंचरण को बदल सकता है है। एल नीनो का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य भारतीय वर्षा पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है पर प्रत्येक घटना में समान नहीं होता है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — ला नीना: ला नीना ला नीना को पूरे भारत में समान अधिक वर्षा की निश्चित वजह नहीं मानना चाहिए है। यहां यह गलत है क्योंकि ला नीना का वास्तविक संबंध एल नीनो-दक्षिणी दोलन का शीत चरण से है। • विकल्प B — दक्षिण-पश्चिम मानसून: दक्षिण-पश्चिम मानसून इसका आगमन और वापसी भारत की वर्षा ऋतु को काफी हद तक व्यवस्थित करते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून का वास्तविक संबंध भारत की प्रमुख वर्षा देने वाली मौसमी पवन प्रणाली से है। • विकल्प C — उत्तर-पूर्व मानसून: उत्तर-पूर्व मानसून बंगाल की खाड़ी के अवदाब और चक्रवात इसकी वर्षा बढ़ा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि उत्तर-पूर्व मानसून का वास्तविक संबंध लौटते मानसून काल से संबंधित मौसमी पवन व्यवस्था से है। परीक्षा सार: एल नीनो को “भारतीय वर्षा पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है पर प्रत्येक घटना में समान नहीं होता” और “एल नीनो-दक्षिणी दोलन का उष्ण चरण” से जोड़कर याद रखें।