भारत के वनों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “छोटे या अविकसित वृक्षों की कमजोर वृद्धि वाली वन भूमि” तथा “भारतीय वन सर्वेक्षण की योजना में इसका छत्र घनत्व 10 प्रतिशत से कम होता है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — झाड़ीदार वन भूमि। झाड़ीदार वन भूमि की सही पहचान छोटे या अविकसित वृक्षों की कमजोर वृद्धि वाली वन भूमि के रूप में होती है। झाड़ीदार वन भूमि का संबंध भारतीय वन सर्वेक्षण की योजना में इसका छत्र घनत्व 10 प्रतिशत से कम होता है से भी है। झाड़ीदार वन भूमि की एक अन्य पहचान इसे मुख्य वन-आवरण घनत्व श्रेणियों से अलग रिपोर्ट किया जाता है है। झाड़ीदार वन भूमि का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य झाड़ीदार वन भूमि को खुले वन के समान श्रेणी नहीं मानना चाहिए है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — वन आवरण: वन आवरण केवल कानूनी वन श्रेणी के बजाय उपग्रह से देखा गया भूमि-आवरण विचार है। यहां यह गलत है क्योंकि वन आवरण का वास्तविक संबंध भारतीय वन सर्वेक्षण का आकलन स्वामित्व या कानूनी स्थिति से परे योग्य वृक्षाच्छादित भूमि को शामिल करता है से है। • विकल्प C — वृक्ष आवरण: वृक्ष आवरण वन आवरण के रूप में मानचित्रित क्षेत्र से बाहर स्थित वृक्ष समूह है। यहां यह गलत है क्योंकि वृक्ष आवरण का वास्तविक संबंध इसमें योग्य गैर-वन क्षेत्रों के छोटे वृक्ष समूह और बिखरे वृक्ष शामिल हैं से है। • विकल्प D — संयुक्त वन प्रबंधन: संयुक्त वन प्रबंधन वन विभागों और स्थानीय समुदायों को शामिल करने वाला भागीदारी दृष्टिकोण है। यहां यह गलत है क्योंकि संयुक्त वन प्रबंधन का वास्तविक संबंध इसे 1990 में जारी दिशानिर्देशों से राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक बढ़ावा मिला से है। परीक्षा सार: झाड़ीदार वन भूमि को “छोटे या अविकसित वृक्षों की कमजोर वृद्धि वाली वन भूमि” और “भारतीय वन सर्वेक्षण की योजना में इसका छत्र घनत्व 10 प्रतिशत से कम होता है” से जोड़कर याद रखें।