भारत के वनों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “वन आवरण के रूप में मानचित्रित क्षेत्र से बाहर स्थित वृक्ष समूह” तथा “इसमें योग्य गैर-वन क्षेत्रों के छोटे वृक्ष समूह और बिखरे वृक्ष शामिल हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — वृक्ष आवरण। वृक्ष आवरण की सही पहचान वन आवरण के रूप में मानचित्रित क्षेत्र से बाहर स्थित वृक्ष समूह के रूप में होती है। वृक्ष आवरण का संबंध इसमें योग्य गैर-वन क्षेत्रों के छोटे वृक्ष समूह और बिखरे वृक्ष शामिल हैं से भी है। वृक्ष आवरण की एक अन्य पहचान इसके आकलन में मैदानी सूची और सुदूर संवेदन जानकारी सहायक होती है है। वृक्ष आवरण का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य वन आवरण और वृक्ष आवरण संबंधित किंतु अलग माप के रूप में रिपोर्ट होते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — संयुक्त वन प्रबंधन: संयुक्त वन प्रबंधन वन विभागों और स्थानीय समुदायों को शामिल करने वाला भागीदारी दृष्टिकोण है। यहां यह गलत है क्योंकि संयुक्त वन प्रबंधन का वास्तविक संबंध इसे 1990 में जारी दिशानिर्देशों से राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक बढ़ावा मिला से है। • विकल्प C — सामाजिक वानिकी: सामाजिक वानिकी सामुदायिक आवश्यकताएं पूरी करने और प्राकृतिक वनों पर दबाव घटाने वाली वानिकी है। यहां यह गलत है क्योंकि सामाजिक वानिकी का वास्तविक संबंध सामुदायिक भूमि, सड़क किनारे, नहर तट और अन्य उपलब्ध स्थानों पर रोपण किया जा सकता है से है। • विकल्प D — भारतीय वन सर्वेक्षण: भारतीय वन सर्वेक्षण पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय संगठन है। यहां यह गलत है क्योंकि भारतीय वन सर्वेक्षण का वास्तविक संबंध इसका मुख्यालय देहरादून में है से है। परीक्षा सार: वृक्ष आवरण को “वन आवरण के रूप में मानचित्रित क्षेत्र से बाहर स्थित वृक्ष समूह” और “इसमें योग्य गैर-वन क्षेत्रों के छोटे वृक्ष समूह और बिखरे वृक्ष शामिल हैं” से जोड़कर याद रखें।