भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “मुख्यतः नदियों द्वारा निक्षेपित परिवाहित मिट्टी” तथा “सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों और तटीय डेल्टाओं में व्यापक” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — जलोढ़ मिट्टी। जलोढ़ मिट्टी की सही पहचान मुख्यतः नदियों द्वारा निक्षेपित परिवाहित मिट्टी के रूप में होती है। जलोढ़ मिट्टी का संबंध सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों और तटीय डेल्टाओं में व्यापक से भी है। जलोढ़ मिट्टी की एक अन्य पहचान इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है है। जलोढ़ मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — काली मिट्टी: काली मिट्टी रेगुर या काली कपास मिट्टी कहलाने वाली चिकनी मिट्टी से भरपूर मृदा है। यहां यह गलत है क्योंकि काली मिट्टी का वास्तविक संबंध महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के दक्कन ट्रैप क्षेत्र में विस्तृत से है। • विकल्प C — लाल और पीली मिट्टी: लाल और पीली मिट्टी मुख्यतः लौह यौगिकों से रंग प्राप्त करने वाली मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि लाल और पीली मिट्टी का वास्तविक संबंध पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के भागों में व्यापक से है। • विकल्प D — लैटेराइट मिट्टी: लैटेराइट मिट्टी उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि लैटेराइट मिट्टी का वास्तविक संबंध पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और पूर्वोत्तर पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है से है। परीक्षा सार: जलोढ़ मिट्टी को “मुख्यतः नदियों द्वारा निक्षेपित परिवाहित मिट्टी” और “सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों और तटीय डेल्टाओं में व्यापक” से जोड़कर याद रखें।