भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है” तथा “यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — जलोढ़ मिट्टी। जलोढ़ मिट्टी की सही पहचान इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है के रूप में होती है। जलोढ़ मिट्टी का संबंध यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है से भी है। जलोढ़ मिट्टी की एक अन्य पहचान इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है है। जलोढ़ मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — काली मिट्टी: काली मिट्टी शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें विकसित होती हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि काली मिट्टी का वास्तविक संबंध अधिक नमी धारण क्षमता इसे कपास के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है से है। • विकल्प B — लाल और पीली मिट्टी: लाल और पीली मिट्टी यह मुख्यतः प्राचीन क्रिस्टलीय चट्टानों के अपक्षय से बनती है है। यहां यह गलत है क्योंकि लाल और पीली मिट्टी का वास्तविक संबंध इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है से है। • विकल्प D — लैटेराइट मिट्टी: लैटेराइट मिट्टी यह प्रायः लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड में समृद्ध पर ह्यूमस में गरीब होती है है। यहां यह गलत है क्योंकि लैटेराइट मिट्टी का वास्तविक संबंध खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं से है। परीक्षा सार: जलोढ़ मिट्टी को “इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है” और “यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है” से जोड़कर याद रखें।