भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के दक्कन ट्रैप क्षेत्र में विस्तृत” तथा “शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें विकसित होती हैं” से सही रूप से संबंधित है?
Last Updated:
Last Updated:
सही उत्तर: विकल्प B — काली मिट्टी। काली मिट्टी की सही पहचान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के दक्कन ट्रैप क्षेत्र में विस्तृत के रूप में होती है। काली मिट्टी का संबंध शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें विकसित होती हैं से भी है। काली मिट्टी की एक अन्य पहचान शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें विकसित होती हैं है। काली मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य अधिक नमी धारण क्षमता इसे कपास के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — लाल और पीली मिट्टी: लाल और पीली मिट्टी पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के भागों में व्यापक है। यहां यह गलत है क्योंकि लाल और पीली मिट्टी का वास्तविक संबंध यह मुख्यतः प्राचीन क्रिस्टलीय चट्टानों के अपक्षय से बनती है से है। • विकल्प C — लैटेराइट मिट्टी: लैटेराइट मिट्टी पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और पूर्वोत्तर पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है है। यहां यह गलत है क्योंकि लैटेराइट मिट्टी का वास्तविक संबंध यह प्रायः लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड में समृद्ध पर ह्यूमस में गरीब होती है से है। • विकल्प D — शुष्क मिट्टी: शुष्क मिट्टी पश्चिमी राजस्थान और निकटवर्ती शुष्क क्षेत्रों में प्रमुख है। यहां यह गलत है क्योंकि शुष्क मिट्टी का वास्तविक संबंध कम ह्यूमस और नमी इसकी सामान्य सीमाएं हैं से है। परीक्षा सार: काली मिट्टी को “महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के दक्कन ट्रैप क्षेत्र में विस्तृत” और “शुष्क ऋतु में इसमें गहरी दरारें विकसित होती हैं” से जोड़कर याद रखें।