भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “सक्रिय बाढ़ मैदानों का नया जलोढ़” तथा “नदियों के निचले बाढ़ मैदानों में बार-बार निक्षेपित होता है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — खादर। खादर की सही पहचान सक्रिय बाढ़ मैदानों का नया जलोढ़ के रूप में होती है। खादर का संबंध नदियों के निचले बाढ़ मैदानों में बार-बार निक्षेपित होता है से भी है। खादर की एक अन्य पहचान नई गाद का पुनर्निक्षेपण इसे सामान्यतः अत्यधिक उपजाऊ बनाता है है। खादर का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य पुराने जलोढ़ सोपानों की तुलना में इसमें अधिक बार बाढ़ आती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — बांगर: बांगर ऊंचे नदी सोपानों का पुराना जलोढ़ है। यहां यह गलत है क्योंकि बांगर का वास्तविक संबंध उत्तरी मैदानों में अनेक स्थानों पर सक्रिय बाढ़ मैदान से ऊपर स्थित से है। • विकल्प C — जलोढ़ मिट्टी: जलोढ़ मिट्टी मुख्यतः नदियों द्वारा निक्षेपित परिवाहित मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि जलोढ़ मिट्टी का वास्तविक संबंध सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों और तटीय डेल्टाओं में व्यापक से है। • विकल्प D — काली मिट्टी: काली मिट्टी रेगुर या काली कपास मिट्टी कहलाने वाली चिकनी मिट्टी से भरपूर मृदा है। यहां यह गलत है क्योंकि काली मिट्टी का वास्तविक संबंध महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के दक्कन ट्रैप क्षेत्र में विस्तृत से है। परीक्षा सार: खादर को “सक्रिय बाढ़ मैदानों का नया जलोढ़” और “नदियों के निचले बाढ़ मैदानों में बार-बार निक्षेपित होता है” से जोड़कर याद रखें।