परीक्षा-साहित्य में कुमारगुप्त प्रथम को गुप्त शासकों में सर्वाधिक ज्ञात अभिलेखों वाला शासक माना जाता है, जो उसके दीर्घ शासन और विस्तृत प्रशासन को दर्शाता है। यही विकल्प व्यक्ति, काल, ग्रंथ, अभिलेख, पद या घटना के साथ सही ऐतिहासिक मेल स्थापित करता है। स्कन्दगुप्त, समुद्रगुप्त और चन्द्रगुप्त द्वितीय के भी महत्वपूर्ण अभिलेख हैं, पर परंपरागत संख्या-तुलना कुमारगुप्त प्रथम के पक्ष में है। परीक्षा में गलत विकल्प प्रायः किसी वास्तविक नाम या तथ्य को दूसरे शासक, लेखक, रचना, स्थान अथवा शताब्दी से जोड़कर बनाए जाते हैं। समकालीन अभिलेख व सिक्के राजकीय इतिहास के लिए विशेष महत्त्व रखते हैं, जबकि साहित्यिक परंपराओं का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए।