इस कठिन मध्यकालीन इतिहास प्रश्न का प्रमाण-आधारित उत्तर मिनहाज-उस-सिराज है। तबकात-ए-नासिरी के लेखक मिनहाज-उस-सिराज ने रजिया की योग्यता मानी, पर तेरहवीं शताब्दी की अभिजात व्यवस्था में उसके स्त्री होने को बाधा बताया। विभाग, अधिकारी और राजस्व-अनुदान अलग कार्य करते थे, इसलिए शब्दों का सूक्ष्म अंतर समझना आवश्यक है। गलत विकल्पों को भी अलग करना आवश्यक है: अमीर खुसरो भिन्न संस्था, संदर्भ या कालक्रम से जुड़ा है; शम्स-ए-सिराज अफीफ प्रश्न में बताए कार्य को पूरा नहीं करता; और जियाउद्दीन बरनी अपेक्षित ऐतिहासिक संबंध से मेल नहीं खाता। “किस इतिहासकार ने रजिया की योग्यता स्वीकार करते हुए समाज द्वारा महिला शासक को न मानने की बात लिखी?” की भाषा जानबूझकर विशिष्ट रखी गई है, इसलिए पहले उसके केंद्रीय संकेत को पहचानना चाहिए। उपयोगी विधि यह है कि पूछे गए पद या तथ्य को उसके कार्य से और फिर उस कार्य को सही शासक, ग्रंथ, स्मारक या क्षेत्र से जोड़ा जाए। पुनरावृत्ति में “किस इतिहासकार ने रजिया की योग्यता स्वीकार करते हुए समाज द्वारा महिला शासक को न मानने की बात लिखी? — मिनहाज-उस-सिराज” युग्म के साथ ऊपर दिया तथ्यात्मक कारण भी याद रखें।