इस कठिन मध्यकालीन इतिहास प्रश्न का प्रमाण-आधारित उत्तर मुक्तियों का समय-समय पर स्थानांतरण और लेखा-जाँच है। इल्तुतमिश ने इक्ताओं को स्थानांतरित किए जा सकने वाले पद मानकर तथा राजस्व व सेना संभालने वाले मुक्तियों की निगरानी करके व्यवस्था को मजबूत किया। यह प्रश्न दिल्ली सल्तनत के संस्थागत इतिहास से जुड़ा है, जहाँ सत्ता चलायमान सैन्य अभिजात वर्ग, राजस्व-नियुक्तियों और राजधानी की निगरानी पर निर्भर थी। विभाग, अधिकारी और राजस्व-अनुदान अलग कार्य करते थे, इसलिए शब्दों का सूक्ष्म अंतर समझना आवश्यक है। गलत विकल्पों को भी अलग करना आवश्यक है: इक्ताओं को वंशानुगत बनाना भिन्न संस्था, संदर्भ या कालक्रम से जुड़ा है; भूमि-राजस्व समाप्त करना प्रश्न में बताए कार्य को पूरा नहीं करता; और घुड़सवार सेना को पैदल सेना से बदलना अपेक्षित ऐतिहासिक संबंध से मेल नहीं खाता। “किस उपाय ने प्रांतीय राजस्व-नियुक्तियों पर इल्तुतमिश का नियंत्रण सबसे सीधे मजबूत किया?” की भाषा जानबूझकर विशिष्ट रखी गई है, इसलिए पहले उसके केंद्रीय संकेत को पहचानना चाहिए। पुनरावृत्ति में “किस उपाय ने प्रांतीय राजस्व-नियुक्तियों पर इल्तुतमिश का नियंत्रण सबसे सीधे मजबूत किया? — मुक्तियों का समय-समय पर स्थानांतरण और लेखा-जाँच” युग्म के साथ ऊपर दिया तथ्यात्मक कारण भी याद रखें।