प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर लॉर्ड माउंटबेटन है। “भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय कौन थे?” की भाषा में तिथि, स्थान और परिणाम का जो संयोजन है, वह लॉर्ड माउंटबेटन को निर्णायक बनाता है; केवल उसी काल का प्रसिद्ध नाम पर्याप्त नहीं है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ लॉर्ड माउंटबेटन पर लागू होता है। इसके विपरीत लॉर्ड वेवेल, लॉर्ड लिनलिथगो और लॉर्ड इरविन की तिथियाँ, क्षेत्र या भूमिकाएँ प्रश्न में माँगे गए संबंध से अलग हैं। पुनरावृत्ति के लिए लॉर्ड माउंटबेटन को घटना के कारण और परिणाम के बीच रखकर लिखें तथा लॉर्ड वेवेल को अलग समयरेखा में रखें। इस प्रमाण के आधार पर लॉर्ड माउंटबेटन समर्थित विकल्प है। संशोधित प्रश्न स्रोत से अधिक व्यापक दावा नहीं करता और भागीदारी, नेतृत्व, स्थापना, अंतिम स्वीकृति तथा बाद के पुनर्गठन जैसी अलग भूमिकाओं को मिलाता नहीं है।