यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर बटाईदारों से जबरन नील की खेती (तीनकठिया व्यवस्था) है। चंपारण में गांधी के 1917 के हस्तक्षेप का कारण कौन-सा कृषक शोषण था? का प्रमाणित उत्तर दिए गए सही विकल्प से स्थापित होता है। इस प्रश्न में भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है। बटाईदारों से जबरन नील की खेती (तीनकठिया व्यवस्था) के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना दूसरे कथन का समर्थित उत्तर कलकत्ता के निकट दक्षिणेश्वर काली मंदिर है। उस सीमित संदर्भ में कलकत्ता के निकट दक्षिणेश्वर काली मंदिर अन्य प्रसिद्ध नामों से अलग पहचाना जाता है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर कलकत्ता के निकट दक्षिणेश्वर काली मंदिर है। विकल्पों की तुलना भी उसी संदर्भ में करने पर सही उत्तर अधिक विश्वसनीय ढंग से स्थापित होता है। दिए गए स्रोत को संबंधित अध्याय के साथ पढ़ना चाहिए, क्योंकि तिथि और कारण से काटकर याद किया गया तथ्य आसानी से दूसरे प्रसंग से मिल सकता है। संशोधित प्रश्न स्रोत से अधिक व्यापक इसलिए सही क्रमित युग्म बटाईदारों से जबरन नील की खेती (तीनकठिया व्यवस्था) और फिर कलकत्ता के निकट दक्षिणेश्वर काली मंदिर है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।