यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चात्य ज्ञान को बढ़ावा है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चात्य ज्ञान को बढ़ावा है। इस प्रश्न में भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है। अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चात्य ज्ञान को बढ़ावा के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ अंग्रेजी शिक्षा और दूसरे कथन का समर्थित उत्तर हिंदू-मुस्लिम समान प्रतिनिधित्व वाली कार्यकारी परिषद है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर हिंदू-मुस्लिम समान प्रतिनिधित्व वाली कार्यकारी परिषद है। यहाँ व्यक्ति, समय और परिणाम—तीनों का मेल आवश्यक है और हिंदू-मुस्लिम समान प्रतिनिधित्व वाली कार्यकारी परिषद इन तीनों संकेतों के अनुरूप है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ हिंदू-मुस्लिम समान प्रतिनिधित्व वाली कार्यकारी परिषद पर लागू होता है। तत्काल स्वतंत्रता, संघीय सरकार और इसलिए सही क्रमित युग्म अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चात्य ज्ञान को बढ़ावा और फिर हिंदू-मुस्लिम समान प्रतिनिधित्व वाली कार्यकारी परिषद है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।