यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर मुहम्मद अली जिन्ना है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर मुहम्मद अली जिन्ना है। “1945 का वेवेल प्लान और शिमला सम्मेलन मुख्यतः किसकी जिद के कारण विफल हुआ?” की भाषा में तिथि, स्थान और परिणाम का जो संयोजन है, वह मुहम्मद अली जिन्ना को निर्णायक बनाता है; केवल उसी काल का प्रसिद्ध नाम पर्याप्त नहीं है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही दूसरे कथन का समर्थित उत्तर सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी है। इस प्रश्न में भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है। सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी पर लागू होता है। तीनों इसलिए सही क्रमित युग्म मुहम्मद अली जिन्ना और फिर सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।