यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स है। यहाँ व्यक्ति, समय और परिणाम—तीनों का मेल आवश्यक है और बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स इन तीनों संकेतों के अनुरूप है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स पर लागू होता है। गवर्नर-जनरल और दूसरे कथन का समर्थित उत्तर गोरखपुर है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर गोरखपुर है। समयक्रम के आधार पर गोरखपुर प्रश्न में माँगे गए स्थान पर आता है। किसी समकालीन व्यक्ति का सामान्य संबंध इस सटीक भूमिका का विकल्प नहीं बनता। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ गोरखपुर पर लागू होता है। विकल्पों को अलग पहचान देना जरूरी है: कानपुर दूसरे प्रसंग से, इसलिए सही क्रमित युग्म बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स और फिर गोरखपुर है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।