यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर मॉन्टेग्यू घोषणा 1917 है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ मॉन्टेग्यू घोषणा 1917 पर लागू होता है। भारत सरकार अधिनियम 1919, मॉर्ले-मिंटो सुधार 1909 और भारत सरकार अधिनियम 1935 से तुलना बताती है कि केवल काल की पहचान पर्याप्त नहीं; वास्तविक भूमिका और परिणाम उत्तर तय करते हैं। दिए गए स्रोत में मॉन्टेग्यू घोषणा 1917 से पहले और बाद की घटनाएँ पढ़ने पर दूसरे कथन का समर्थित उत्तर जवाहरलाल नेहरू है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ जवाहरलाल नेहरू पर लागू होता है। महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू और लाजपत राय से तुलना बताती है कि केवल काल की पहचान पर्याप्त नहीं; वास्तविक भूमिका और परिणाम उत्तर तय करते हैं। दिए गए स्रोत में जवाहरलाल नेहरू से पहले और बाद की घटनाएँ पढ़ने पर क्रम साफ होता है और आकर्षक लेकिन इसलिए सही क्रमित युग्म मॉन्टेग्यू घोषणा 1917 और फिर जवाहरलाल नेहरू है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।