यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर इंदिरा गांधी है। यहाँ व्यक्ति, समय और परिणाम—तीनों का मेल आवश्यक है और इंदिरा गांधी इन तीनों संकेतों के अनुरूप है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ इंदिरा गांधी पर लागू होता है। जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और मोरारजी देसाई से तुलना बताती है कि केवल काल की पहचान पर्याप्त नहीं; वास्तविक भूमिका और परिणाम उत्तर तय करते हैं। दिए गए दूसरे कथन का समर्थित उत्तर औद्योगिक विकास की योजना और व्यापक कल्याणकारी राज्य है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर औद्योगिक विकास की योजना और व्यापक कल्याणकारी राज्य है। “1938 में सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में INC के हरिपुरा अधिवेशन ने किस विषय पर प्रस्ताव पारित किए?” की भाषा में तिथि, स्थान और परिणाम का जो संयोजन है, वह औद्योगिक विकास की योजना और व्यापक कल्याणकारी राज्य को निर्णायक बनाता है; केवल उसी काल का प्रसिद्ध नाम पर्याप्त नहीं है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप इसलिए सही क्रमित युग्म इंदिरा गांधी और फिर औद्योगिक विकास की योजना और व्यापक कल्याणकारी राज्य है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।