यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर मेघालय है। यहाँ व्यक्ति, समय और परिणाम—तीनों का मेल आवश्यक है और मेघालय इन तीनों संकेतों के अनुरूप है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ मेघालय पर लागू होता है। असम, नागालैंड और त्रिपुरा से तुलना बताती है कि केवल काल की पहचान पर्याप्त नहीं; दूसरे कथन का समर्थित उत्तर कलकत्ता है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर कलकत्ता है। समयक्रम के आधार पर कलकत्ता प्रश्न में माँगे गए स्थान पर आता है। किसी समकालीन व्यक्ति का सामान्य संबंध इस सटीक भूमिका का विकल्प नहीं बनता। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ कलकत्ता पर लागू होता है। विकल्पों को अलग पहचान देना जरूरी है: दिल्ली दूसरे प्रसंग से, इसलिए सही क्रमित युग्म मेघालय और फिर कलकत्ता है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।