यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे है। इस प्रश्न में भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है। यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे पर लागू होता है। तीनों दूसरे कथन का समर्थित उत्तर जनवरी 1931 में, गांधी–इरविन समझौते से पहले है। इस प्रश्न का संशोधित तथ्य विश्वसनीय समयक्रम और भूमिका के आधार पर सत्यापित किया गया है। समयक्रम के आधार पर जनवरी 1931 में, गांधी–इरविन समझौते से पहले प्रश्न में माँगे गए स्थान पर आता है। किसी समकालीन व्यक्ति का सामान्य संबंध इस सटीक भूमिका का विकल्प नहीं बनता। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ जनवरी 1931 में, गांधी–इरविन समझौते इसलिए सही क्रमित युग्म यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे और फिर जनवरी 1931 में, गांधी–इरविन समझौते से पहले है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।