सही उत्तर इतालवी लीरा है, जो इटली के एकीकरण के बाद से 19वीं शताब्दी से लेकर 1 जनवरी 2002 तक, जब भौतिक प्रचलन में यूरो ने इसका स्थान लिया, तब तक इटली की आधिकारिक मुद्रा रही। लीरा का इतालवी प्रायद्वीप में लंबा मुद्रा-इतिहास रहा है, और इसका नाम लैटिन शब्द 'लिब्रा' से निकला है, जो ऐतिहासिक रूप से चांदी के एक पाउंड की इकाई को दर्शाता था, जिससे यह भाषाई रूप से ब्रिटिश पाउंड और फ्रांसीसी लीव्र से जुड़ता है। यूरो में परिवर्तन के समय लगभग 1,936.27 लीरा प्रति यूरो की निश्चित विनिमय दर लागू की गई, जो उस समय अन्य यूरोपीय मुद्राओं की तुलना में लीरा के अपेक्षाकृत कम इकाई-मूल्य को दर्शाती है। पहला विकल्प, 'इतालवी फ्रैंक', इटली की किसी ऐतिहासिक मुद्रा के रूप में अस्तित्व में ही नहीं था; फ्रैंक का प्रयोग फ्रांस, बेल्जियम, स्विट्ज़रलैंड तथा कई अफ्रीकी देशों में होता था, जिससे यह विकल्प सुनने में सही लगने वाला परंतु काल्पनिक नाम बन जाता है। दूसरा विकल्प, स्पेनिश पेसेटा, स्पेन की अपनी यूरो-पूर्व मुद्रा थी, और इसे यहाँ रखना यह जाँचता है कि कहीं छात्र इटली के मौद्रिक इतिहास को भूमध्यसागरीय साथी तथा यूरोज़ोन के सह-संस्थापक देश स्पेन से भ्रमित तो नहीं करते। तीसरा विकल्प, पुर्तगाली एस्कुडो, इसी प्रकार पुर्तगाल की मुद्रा थी, जिसने इटली के साथ ही यूरो अपनाया था, जिससे यह याद रखना कठिन हो जाता है कि कौन-सी ऐतिहासिक मुद्रा किस देश की थी। एक सामान्य परीक्षा-भ्रम यह मान लेना है कि सभी दक्षिणी यूरोपीय देशों की यूरो-पूर्व मुद्राओं के नाम मिलते-जुलते थे, जबकि वास्तव में प्रत्येक देश की अपनी विशिष्ट नाम और इतिहास वाली मुद्रा थी। स्मरण हेतु स्पष्ट संबंध बनाएं — इटली के लिए लीरा, स्पेन के लिए पेसेटा, पुर्तगाल के लिए एस्कुडो, और फ्रांस के लिए फ्रैंक — इन्हें कभी आपस में न बदलें।