भारत की जलवायु में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “दक्षिण भारत की मानसून-पूर्व संवहनीय वर्षा” तथा “ये सामान्यतः केरल और तटीय कर्नाटक से जुड़ी हैं” से सही रूप से संबंधित है?
Last Updated:
Last Updated:
सही उत्तर: विकल्प A — आम्र वर्षा। आम्र वर्षा की सही पहचान दक्षिण भारत की मानसून-पूर्व संवहनीय वर्षा के रूप में होती है। आम्र वर्षा का संबंध ये सामान्यतः केरल और तटीय कर्नाटक से जुड़ी हैं से भी है। आम्र वर्षा की एक अन्य पहचान ये आमों को जल्दी पकने में सहायता करती हैं है। आम्र वर्षा का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य ये मानसून-पूर्व बागानी फसल परिस्थितियों में भी सहायक हो सकती हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — काल बैसाखी: काल बैसाखी नॉरवेस्टर कहलाने वाला तीव्र मानसून-पूर्व आंधी-तूफान है। यहां यह गलत है क्योंकि काल बैसाखी का वास्तविक संबंध यह विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और निकटवर्ती पूर्वी भारत से जुड़ा है से है। • विकल्प C — एल नीनो: एल नीनो एल नीनो-दक्षिणी दोलन का उष्ण चरण है। यहां यह गलत है क्योंकि एल नीनो का वास्तविक संबंध इसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत का असामान्य गर्म होना शामिल है से है। • विकल्प D — ला नीना: ला नीना एल नीनो-दक्षिणी दोलन का शीत चरण है। यहां यह गलत है क्योंकि ला नीना का वास्तविक संबंध इसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत का असामान्य ठंडा होना शामिल है से है। परीक्षा सार: आम्र वर्षा को “दक्षिण भारत की मानसून-पूर्व संवहनीय वर्षा” और “ये सामान्यतः केरल और तटीय कर्नाटक से जुड़ी हैं” से जोड़कर याद रखें।