भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “झरिया, रानीगंज और बोकारो प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र हैं” तथा “इसका व्यापक उपयोग ताप विद्युत और धातुकर्म उद्योगों में होता है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — कोयला। कोयला की सही पहचान झरिया, रानीगंज और बोकारो प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र हैं के रूप में होती है। कोयला का संबंध इसका व्यापक उपयोग ताप विद्युत और धातुकर्म उद्योगों में होता है से भी है। कोयला की एक अन्य पहचान झरिया, रानीगंज और बोकारो प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र हैं है। कोयला का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इसका व्यापक उपयोग ताप विद्युत और धातुकर्म उद्योगों में होता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — पेट्रोलियम: पेट्रोलियम कच्चे तेल को रिफाइनरियों में ईंधन और पेट्रोकेमिकल कच्चे माल में बदला जाता है है। यहां यह गलत है क्योंकि पेट्रोलियम का वास्तविक संबंध अपनति, भ्रंश और छिद्रयुक्त जलाशय चट्टानें हाइड्रोकार्बन जाल बना सकती हैं से है। • विकल्प B — प्राकृतिक गैस: प्राकृतिक गैस कृष्णा-गोदावरी बेसिन और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र महत्वपूर्ण संबंध हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि प्राकृतिक गैस का वास्तविक संबंध इसका उपयोग बिजली, उर्वरक निर्माण, उद्योग और घरेलू ईंधन में होता है से है। • विकल्प D — लौह अयस्क: लौह अयस्क महत्वपूर्ण पट्टियां ओडिशा-झारखंड, दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर और कर्नाटक-गोवा क्षेत्रों में हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि लौह अयस्क का वास्तविक संबंध धातुकर्म उपयोग से पहले लाभकारीकरण अयस्क की गुणवत्ता सुधार सकता है से है। परीक्षा सार: कोयला को “झरिया, रानीगंज और बोकारो प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र हैं” और “इसका व्यापक उपयोग ताप विद्युत और धातुकर्म उद्योगों में होता है” से जोड़कर याद रखें।