भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है” तथा “परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प D — यूरेनियम। यूरेनियम की सही पहचान अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है के रूप में होती है। यूरेनियम का संबंध परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन से भी है। यूरेनियम की एक अन्य पहचान भंडार आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मेघालय के कुछ भागों से भी जुड़े हैं है। यूरेनियम का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — कोयला: कोयला इसका व्यापक उपयोग ताप विद्युत और धातुकर्म उद्योगों में होता है है। यहां यह गलत है क्योंकि कोयला का वास्तविक संबंध एक दहनशील अवसादी ऊर्जा संसाधन से है। • विकल्प B — पेट्रोलियम: पेट्रोलियम अपनति, भ्रंश और छिद्रयुक्त जलाशय चट्टानें हाइड्रोकार्बन जाल बना सकती हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि पेट्रोलियम का वास्तविक संबंध अवसादी बेसिनों में संचित तरल जीवाश्म ईंधन से है। • विकल्प C — प्राकृतिक गैस: प्राकृतिक गैस इसका उपयोग बिजली, उर्वरक निर्माण, उद्योग और घरेलू ईंधन में होता है है। यहां यह गलत है क्योंकि प्राकृतिक गैस का वास्तविक संबंध मुख्यतः मीथेन से बना गैसीय जीवाश्म ईंधन से है। परीक्षा सार: यूरेनियम को “अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है” और “परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन” से जोड़कर याद रखें।