भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन” तथा “झारखंड में जादूगोड़ा और निकटवर्ती सिंहभूम भंडार महत्वपूर्ण संबंध हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — यूरेनियम। यूरेनियम की सही पहचान परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन के रूप में होती है। यूरेनियम का संबंध झारखंड में जादूगोड़ा और निकटवर्ती सिंहभूम भंडार महत्वपूर्ण संबंध हैं से भी है। यूरेनियम की एक अन्य पहचान भंडार आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मेघालय के कुछ भागों से भी जुड़े हैं है। यूरेनियम का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — कोयला: कोयला एक दहनशील अवसादी ऊर्जा संसाधन है। यहां यह गलत है क्योंकि कोयला का वास्तविक संबंध प्रमुख गोंडवाना कोयला क्षेत्र दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी घाटियों में हैं से है। • विकल्प C — पेट्रोलियम: पेट्रोलियम अवसादी बेसिनों में संचित तरल जीवाश्म ईंधन है। यहां यह गलत है क्योंकि पेट्रोलियम का वास्तविक संबंध भारत के महत्वपूर्ण उत्पादक क्षेत्रों में असम, गुजरात, मुंबई अपतटीय और कृष्णा-गोदावरी बेसिन शामिल हैं से है। • विकल्प D — प्राकृतिक गैस: प्राकृतिक गैस मुख्यतः मीथेन से बना गैसीय जीवाश्म ईंधन है। यहां यह गलत है क्योंकि प्राकृतिक गैस का वास्तविक संबंध यह कई स्थलस्थित और अपतटीय अवसादी बेसिनों में पाया जाता है से है। परीक्षा सार: यूरेनियम को “परमाणु ईंधन के रूप में प्रयुक्त रेडियोधर्मी खनिज संसाधन” और “झारखंड में जादूगोड़ा और निकटवर्ती सिंहभूम भंडार महत्वपूर्ण संबंध हैं” से जोड़कर याद रखें।