भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “यह कई स्थलस्थित और अपतटीय अवसादी बेसिनों में पाया जाता है” तथा “कृष्णा-गोदावरी बेसिन और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र महत्वपूर्ण संबंध हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प B — प्राकृतिक गैस। प्राकृतिक गैस की सही पहचान यह कई स्थलस्थित और अपतटीय अवसादी बेसिनों में पाया जाता है के रूप में होती है। प्राकृतिक गैस का संबंध कृष्णा-गोदावरी बेसिन और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र महत्वपूर्ण संबंध हैं से भी है। प्राकृतिक गैस की एक अन्य पहचान कृष्णा-गोदावरी बेसिन और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र महत्वपूर्ण संबंध हैं है। प्राकृतिक गैस का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इसका उपयोग बिजली, उर्वरक निर्माण, उद्योग और घरेलू ईंधन में होता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — लौह अयस्क: लौह अयस्क हेमेटाइट और मैग्नेटाइट इसके प्रमुख अयस्क खनिज हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि लौह अयस्क का वास्तविक संबंध महत्वपूर्ण पट्टियां ओडिशा-झारखंड, दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर और कर्नाटक-गोवा क्षेत्रों में हैं से है। • विकल्प C — मैंगनीज अयस्क: मैंगनीज अयस्क प्रमुख भंडार ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भागों से जुड़े हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि मैंगनीज अयस्क का वास्तविक संबंध पाइरोलुसाइट महत्वपूर्ण मैंगनीज-धारी खनिज है से है। • विकल्प D — बॉक्साइट: बॉक्साइट यह सामान्यतः तीव्र लैटेराइट अपक्षय से बनता है है। यहां यह गलत है क्योंकि बॉक्साइट का वास्तविक संबंध महत्वपूर्ण भंडार ओडिशा तथा मध्य और पश्चिमी भारत के कई पठारी-पहाड़ी क्षेत्रों में हैं से है। परीक्षा सार: प्राकृतिक गैस को “यह कई स्थलस्थित और अपतटीय अवसादी बेसिनों में पाया जाता है” और “कृष्णा-गोदावरी बेसिन और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र महत्वपूर्ण संबंध हैं” से जोड़कर याद रखें।