भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “प्रमुख भंडार ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भागों से जुड़े हैं” तथा “पाइरोलुसाइट महत्वपूर्ण मैंगनीज-धारी खनिज है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प B — मैंगनीज अयस्क। मैंगनीज अयस्क की सही पहचान प्रमुख भंडार ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भागों से जुड़े हैं के रूप में होती है। मैंगनीज अयस्क का संबंध पाइरोलुसाइट महत्वपूर्ण मैंगनीज-धारी खनिज है से भी है। मैंगनीज अयस्क की एक अन्य पहचान पाइरोलुसाइट महत्वपूर्ण मैंगनीज-धारी खनिज है है। मैंगनीज अयस्क का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इसका उपयोग बैटरियों और कुछ रासायनिक उद्योगों में भी होता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — बॉक्साइट: बॉक्साइट यह सामान्यतः तीव्र लैटेराइट अपक्षय से बनता है है। यहां यह गलत है क्योंकि बॉक्साइट का वास्तविक संबंध महत्वपूर्ण भंडार ओडिशा तथा मध्य और पश्चिमी भारत के कई पठारी-पहाड़ी क्षेत्रों में हैं से है। • विकल्प C — अभ्रक: अभ्रक पारंपरिक अभ्रक पट्टियां झारखंड, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से जुड़ी हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि अभ्रक का वास्तविक संबंध इसके विद्युत और तापीय रोधक गुण औद्योगिक उपयोग में सहायक हैं से है। • विकल्प D — तांबा अयस्क: तांबा अयस्क राजस्थान का खेतड़ी, मध्य प्रदेश का मलांजखंड और झारखंड का सिंहभूम महत्वपूर्ण संबंध हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि तांबा अयस्क का वास्तविक संबंध चाल्कोपाइराइट सामान्य तांबा-धारी सल्फाइड खनिज है से है। परीक्षा सार: मैंगनीज अयस्क को “प्रमुख भंडार ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भागों से जुड़े हैं” और “पाइरोलुसाइट महत्वपूर्ण मैंगनीज-धारी खनिज है” से जोड़कर याद रखें।