भारत के खनिज संसाधनों में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “इसके विद्युत और तापीय रोधक गुण औद्योगिक उपयोग में सहायक हैं” तथा “मस्कोवाइट और फ्लोगोपाइट अभ्रक की महत्वपूर्ण किस्में हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — अभ्रक। अभ्रक की सही पहचान इसके विद्युत और तापीय रोधक गुण औद्योगिक उपयोग में सहायक हैं के रूप में होती है। अभ्रक का संबंध मस्कोवाइट और फ्लोगोपाइट अभ्रक की महत्वपूर्ण किस्में हैं से भी है। अभ्रक की एक अन्य पहचान इसके विद्युत और तापीय रोधक गुण औद्योगिक उपयोग में सहायक हैं है। अभ्रक का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य मस्कोवाइट और फ्लोगोपाइट अभ्रक की महत्वपूर्ण किस्में हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — तांबा अयस्क: तांबा अयस्क चाल्कोपाइराइट सामान्य तांबा-धारी सल्फाइड खनिज है है। यहां यह गलत है क्योंकि तांबा अयस्क का वास्तविक संबंध तांबे का उपयोग विद्युत उपकरण, मिश्रधातु और निर्माण में होता है से है। • विकल्प B — चूना पत्थर: चूना पत्थर यह सीमेंट निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है है। यहां यह गलत है क्योंकि चूना पत्थर का वास्तविक संबंध इसका उपयोग लोहा और इस्पात प्रसंस्करण में फ्लक्स के रूप में भी होता है से है। • विकल्प D — यूरेनियम: यूरेनियम भंडार आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मेघालय के कुछ भागों से भी जुड़े हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि यूरेनियम का वास्तविक संबंध अयस्क प्रसंस्करण से परमाणु ईंधन चक्र हेतु यूरेनियम सांद्र प्राप्त होता है से है। परीक्षा सार: अभ्रक को “इसके विद्युत और तापीय रोधक गुण औद्योगिक उपयोग में सहायक हैं” और “मस्कोवाइट और फ्लोगोपाइट अभ्रक की महत्वपूर्ण किस्में हैं” से जोड़कर याद रखें।