भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “लंबी शुष्क ऋतु के अनुकूल खुला पर्णपाती वन” तथा “मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के वर्षाछाया तथा अपेक्षाकृत शुष्क भागों में सामान्य है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन। उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन की सही पहचान लंबी शुष्क ऋतु के अनुकूल खुला पर्णपाती वन के रूप में होती है। उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन का संबंध मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के वर्षाछाया तथा अपेक्षाकृत शुष्क भागों में सामान्य है से भी है। उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन की एक अन्य पहचान सागौन, पलाश और तेंदू सामान्यतः संबंधित प्रजातियां हैं है। उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य शुष्क महीनों में जल हानि घटाने के लिए वृक्ष पत्तियां गिराते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन: उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन कांटेदार वृक्षों और झाड़ियों वाली मरुद्भिद वनस्पति है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन का वास्तविक संबंध राजस्थान, गुजरात और दक्कन के आंतरिक शुष्क-अर्धशुष्क भागों में प्रमुख है से है। • विकल्प C — पर्वतीय वन: पर्वतीय वन पर्वतीय ढालों पर ऊंचाई के साथ बदलने वाली वनस्पति है। यहां यह गलत है क्योंकि पर्वतीय वन का वास्तविक संबंध हिमालय की विभिन्न ऊंचाई पट्टियों में अच्छी तरह विकसित है से है। • विकल्प D — मैंग्रोव वन: मैंग्रोव वन उष्णकटिबंधीय तटों और डेल्टाओं का लवण-सहिष्णु ज्वारीय वन है। यहां यह गलत है क्योंकि मैंग्रोव वन का वास्तविक संबंध सुंदरबन और पूर्वी तट के कई डेल्टाओं में विस्तृत रूप से पाया जाता है से है। परीक्षा सार: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन को “लंबी शुष्क ऋतु के अनुकूल खुला पर्णपाती वन” और “मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के वर्षाछाया तथा अपेक्षाकृत शुष्क भागों में सामान्य है” से जोड़कर याद रखें।