भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “छोटी वृद्धि ऋतु और तीव्र ठंड ऊंचे वृक्षों की वृद्धि सीमित करती है” तथा “प्राकृतिक वृक्ष रेखा से ऊपर की उच्च पर्वतीय वनस्पति” से सही रूप से संबंधित है?
व्याख्या
सही उत्तर: विकल्प D — अल्पाइन वनस्पति। अल्पाइन वनस्पति की सही पहचान छोटी वृद्धि ऋतु और तीव्र ठंड ऊंचे वृक्षों की वृद्धि सीमित करती है के रूप में होती है। अल्पाइन वनस्पति का संबंध प्राकृतिक वृक्ष रेखा से ऊपर की उच्च पर्वतीय वनस्पति से भी है। अल्पाइन वनस्पति की एक अन्य पहचान घास, सेज, बौनी झाड़ियां और मौसमी पुष्पीय जड़ी-बूटियां सामान्य हैं है। अल्पाइन वनस्पति का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य छोटी वृद्धि ऋतु और तीव्र ठंड ऊंचे वृक्षों की वृद्धि सीमित करती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का वास्तविक संबंध वर्षभर हरा रहने वाला घना बहुस्तरीय वन से है। • विकल्प B — उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन: उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन उपयुक्त क्षेत्रीय संरचनाओं में सफेद देवदार, हॉलॉक और कैल पाए जा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन का वास्तविक संबंध सदाबहार और आर्द्र पर्णपाती वनों के बीच संक्रमण वन से है। • विकल्प C — उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन यह सामान्यतः मध्यम से अधिक मौसमी वर्षा में विकसित होता है है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन का वास्तविक संबंध शुष्क ऋतु में पत्तियां गिराने वाला मानसूनी वन से है। परीक्षा सार: अल्पाइन वनस्पति को “छोटी वृद्धि ऋतु और तीव्र ठंड ऊंचे वृक्षों की वृद्धि सीमित करती है” और “प्राकृतिक वृक्ष रेखा से ऊपर की उच्च पर्वतीय वनस्पति” से जोड़कर याद रखें।