भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “कांटेदार वृक्षों और झाड़ियों वाली मरुद्भिद वनस्पति” तथा “राजस्थान, गुजरात और दक्कन के आंतरिक शुष्क-अर्धशुष्क भागों में प्रमुख है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन। उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन की सही पहचान कांटेदार वृक्षों और झाड़ियों वाली मरुद्भिद वनस्पति के रूप में होती है। उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन का संबंध राजस्थान, गुजरात और दक्कन के आंतरिक शुष्क-अर्धशुष्क भागों में प्रमुख है से भी है। उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन की एक अन्य पहचान बबूल, कीकर, खेजड़ी और कैक्टस जैसे रसीले पौधे विशिष्ट हैं है। उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य छोटी पत्तियां, कांटे और गहरी जड़ें जल संरक्षण में सहायक हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — पर्वतीय वन: पर्वतीय वन पर्वतीय ढालों पर ऊंचाई के साथ बदलने वाली वनस्पति है। यहां यह गलत है क्योंकि पर्वतीय वन का वास्तविक संबंध हिमालय की विभिन्न ऊंचाई पट्टियों में अच्छी तरह विकसित है से है। • विकल्प C — मैंग्रोव वन: मैंग्रोव वन उष्णकटिबंधीय तटों और डेल्टाओं का लवण-सहिष्णु ज्वारीय वन है। यहां यह गलत है क्योंकि मैंग्रोव वन का वास्तविक संबंध सुंदरबन और पूर्वी तट के कई डेल्टाओं में विस्तृत रूप से पाया जाता है से है। • विकल्प D — शोला वन: शोला वन घाटियों के छोटे भागों में पाया जाने वाला उष्णकटिबंधीय पर्वतीय सदाबहार वन है। यहां यह गलत है क्योंकि शोला वन का वास्तविक संबंध दक्षिण भारत के ऊंचे पश्चिमी घाट की विशिष्ट वनस्पति है से है। परीक्षा सार: उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन को “कांटेदार वृक्षों और झाड़ियों वाली मरुद्भिद वनस्पति” और “राजस्थान, गुजरात और दक्कन के आंतरिक शुष्क-अर्धशुष्क भागों में प्रमुख है” से जोड़कर याद रखें।