भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “पर्वतीय ढालों पर ऊंचाई के साथ बदलने वाली वनस्पति” तथा “हिमालय की विभिन्न ऊंचाई पट्टियों में अच्छी तरह विकसित है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — पर्वतीय वन। पर्वतीय वन की सही पहचान पर्वतीय ढालों पर ऊंचाई के साथ बदलने वाली वनस्पति के रूप में होती है। पर्वतीय वन का संबंध हिमालय की विभिन्न ऊंचाई पट्टियों में अच्छी तरह विकसित है से भी है। पर्वतीय वन की एक अन्य पहचान निचली ऊंचाइयों पर ओक और चेस्टनट जबकि कई ऊंची पट्टियों में शंकुधारी वृक्ष प्रमुख हैं है। पर्वतीय वन का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य ऊंचाई के साथ तापमान घटने से स्पष्ट वनस्पति क्षेत्रीकरण बनता है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — मैंग्रोव वन: मैंग्रोव वन उष्णकटिबंधीय तटों और डेल्टाओं का लवण-सहिष्णु ज्वारीय वन है। यहां यह गलत है क्योंकि मैंग्रोव वन का वास्तविक संबंध सुंदरबन और पूर्वी तट के कई डेल्टाओं में विस्तृत रूप से पाया जाता है से है। • विकल्प C — शोला वन: शोला वन घाटियों के छोटे भागों में पाया जाने वाला उष्णकटिबंधीय पर्वतीय सदाबहार वन है। यहां यह गलत है क्योंकि शोला वन का वास्तविक संबंध दक्षिण भारत के ऊंचे पश्चिमी घाट की विशिष्ट वनस्पति है से है। • विकल्प D — तटीय और दलदली वन: तटीय और दलदली वन तटीय, दलदली या जलभराव वाले आवासों के अनुकूल वनस्पति है। यहां यह गलत है क्योंकि तटीय और दलदली वन का वास्तविक संबंध उपयुक्त समुद्री तटों, लैगून, मुहानों और अंतर्देशीय आर्द्रभूमियों में पाया जाता है से है। परीक्षा सार: पर्वतीय वन को “पर्वतीय ढालों पर ऊंचाई के साथ बदलने वाली वनस्पति” और “हिमालय की विभिन्न ऊंचाई पट्टियों में अच्छी तरह विकसित है” से जोड़कर याद रखें।