भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है” तथा “मुख्यतः लौह यौगिकों से रंग प्राप्त करने वाली मिट्टी” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प D — लाल और पीली मिट्टी। लाल और पीली मिट्टी की सही पहचान इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है के रूप में होती है। लाल और पीली मिट्टी का संबंध मुख्यतः लौह यौगिकों से रंग प्राप्त करने वाली मिट्टी से भी है। लाल और पीली मिट्टी की एक अन्य पहचान यह मुख्यतः प्राचीन क्रिस्टलीय चट्टानों के अपक्षय से बनती है है। लाल और पीली मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — लैटेराइट मिट्टी: लैटेराइट मिट्टी खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि लैटेराइट मिट्टी का वास्तविक संबंध उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी से है। • विकल्प B — शुष्क मिट्टी: शुष्क मिट्टी सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है है। यहां यह गलत है क्योंकि शुष्क मिट्टी का वास्तविक संबंध शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी से है। • विकल्प C — वन और पर्वतीय मिट्टी: वन और पर्वतीय मिट्टी सीढ़ीदार और घाटी क्षेत्र चाय, मसाले और समशीतोष्ण फल उगा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि वन और पर्वतीय मिट्टी का वास्तविक संबंध पर्वतीय वनस्पति और स्थलाकृति के अंतर्गत बनी विविध मिट्टी से है। परीक्षा सार: लाल और पीली मिट्टी को “इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है” और “मुख्यतः लौह यौगिकों से रंग प्राप्त करने वाली मिट्टी” से जोड़कर याद रखें।