भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी” तथा “पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और पूर्वोत्तर पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — लैटेराइट मिट्टी। लैटेराइट मिट्टी की सही पहचान उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी के रूप में होती है। लैटेराइट मिट्टी का संबंध पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और पूर्वोत्तर पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है से भी है। लैटेराइट मिट्टी की एक अन्य पहचान यह प्रायः लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड में समृद्ध पर ह्यूमस में गरीब होती है है। लैटेराइट मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — शुष्क मिट्टी: शुष्क मिट्टी शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि शुष्क मिट्टी का वास्तविक संबंध पश्चिमी राजस्थान और निकटवर्ती शुष्क क्षेत्रों में प्रमुख से है। • विकल्प C — वन और पर्वतीय मिट्टी: वन और पर्वतीय मिट्टी पर्वतीय वनस्पति और स्थलाकृति के अंतर्गत बनी विविध मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि वन और पर्वतीय मिट्टी का वास्तविक संबंध हिमालय और अन्य उच्चभूमि क्षेत्रों में पाई जाती है से है। • विकल्प D — लवणीय और क्षारीय मिट्टी: लवणीय और क्षारीय मिट्टी अधिक घुलनशील लवण या विनिमेय सोडियम वाली मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि लवणीय और क्षारीय मिट्टी का वास्तविक संबंध शुष्क क्षेत्रों, खराब जलनिकास वाले मैदानों और कुछ तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है से है। परीक्षा सार: लैटेराइट मिट्टी को “उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी” और “पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और पूर्वोत्तर पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है” से जोड़कर याद रखें।