भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं” तथा “उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प D — लैटेराइट मिट्टी। लैटेराइट मिट्टी की सही पहचान खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं के रूप में होती है। लैटेराइट मिट्टी का संबंध उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी से भी है। लैटेराइट मिट्टी की एक अन्य पहचान यह प्रायः लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड में समृद्ध पर ह्यूमस में गरीब होती है है। लैटेराइट मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — शुष्क मिट्टी: शुष्क मिट्टी सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है है। यहां यह गलत है क्योंकि शुष्क मिट्टी का वास्तविक संबंध शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी से है। • विकल्प B — वन और पर्वतीय मिट्टी: वन और पर्वतीय मिट्टी सीढ़ीदार और घाटी क्षेत्र चाय, मसाले और समशीतोष्ण फल उगा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि वन और पर्वतीय मिट्टी का वास्तविक संबंध पर्वतीय वनस्पति और स्थलाकृति के अंतर्गत बनी विविध मिट्टी से है। • विकल्प C — लवणीय और क्षारीय मिट्टी: लवणीय और क्षारीय मिट्टी उपयुक्त स्थानों पर जलनिकास, निक्षालन और जिप्सम उपचार सुधार में सहायक हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि लवणीय और क्षारीय मिट्टी का वास्तविक संबंध अधिक घुलनशील लवण या विनिमेय सोडियम वाली मिट्टी से है। परीक्षा सार: लैटेराइट मिट्टी को “खाद देने पर इसमें चाय, कॉफी, रबर और काजू उगाए जा सकते हैं” और “उच्च तापमान और अधिक वर्षा में तीव्र निक्षालन से बनी मिट्टी” से जोड़कर याद रखें।