भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद वर्गीकरण या पहचान “शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी” तथा “पश्चिमी राजस्थान और निकटवर्ती शुष्क क्षेत्रों में प्रमुख” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प A — शुष्क मिट्टी। शुष्क मिट्टी की सही पहचान शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी के रूप में होती है। शुष्क मिट्टी का संबंध पश्चिमी राजस्थान और निकटवर्ती शुष्क क्षेत्रों में प्रमुख से भी है। शुष्क मिट्टी की एक अन्य पहचान कम ह्यूमस और नमी इसकी सामान्य सीमाएं हैं है। शुष्क मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प B — वन और पर्वतीय मिट्टी: वन और पर्वतीय मिट्टी पर्वतीय वनस्पति और स्थलाकृति के अंतर्गत बनी विविध मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि वन और पर्वतीय मिट्टी का वास्तविक संबंध हिमालय और अन्य उच्चभूमि क्षेत्रों में पाई जाती है से है। • विकल्प C — लवणीय और क्षारीय मिट्टी: लवणीय और क्षारीय मिट्टी अधिक घुलनशील लवण या विनिमेय सोडियम वाली मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि लवणीय और क्षारीय मिट्टी का वास्तविक संबंध शुष्क क्षेत्रों, खराब जलनिकास वाले मैदानों और कुछ तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है से है। • विकल्प D — पीटमय और दलदली मिट्टी: पीटमय और दलदली मिट्टी जलभराव की दशाओं में बनी जैविक पदार्थ से समृद्ध मिट्टी है। यहां यह गलत है क्योंकि पीटमय और दलदली मिट्टी का वास्तविक संबंध केरल के कुछ भागों, तटीय आर्द्रभूमियों और खराब जलनिकास वाले अवसादों में पाई जाती है से है। परीक्षा सार: शुष्क मिट्टी को “शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी” और “पश्चिमी राजस्थान और निकटवर्ती शुष्क क्षेत्रों में प्रमुख” से जोड़कर याद रखें।