भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “केरल के कुछ भागों, तटीय आर्द्रभूमियों और खराब जलनिकास वाले अवसादों में पाई जाती है” तथा “इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प B — पीटमय और दलदली मिट्टी। पीटमय और दलदली मिट्टी की सही पहचान केरल के कुछ भागों, तटीय आर्द्रभूमियों और खराब जलनिकास वाले अवसादों में पाई जाती है के रूप में होती है। पीटमय और दलदली मिट्टी का संबंध इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है से भी है। पीटमय और दलदली मिट्टी की एक अन्य पहचान इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है है। पीटमय और दलदली मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — खादर: खादर नदियों के निचले बाढ़ मैदानों में बार-बार निक्षेपित होता है है। यहां यह गलत है क्योंकि खादर का वास्तविक संबंध नई गाद का पुनर्निक्षेपण इसे सामान्यतः अत्यधिक उपजाऊ बनाता है से है। • विकल्प C — बांगर: बांगर उत्तरी मैदानों में अनेक स्थानों पर सक्रिय बाढ़ मैदान से ऊपर स्थित है। यहां यह गलत है क्योंकि बांगर का वास्तविक संबंध इसकी मृदा परत में कैल्शियमयुक्त कंकर ग्रंथियां मिल सकती हैं से है। • विकल्प D — जलोढ़ मिट्टी: जलोढ़ मिट्टी सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों और तटीय डेल्टाओं में व्यापक है। यहां यह गलत है क्योंकि जलोढ़ मिट्टी का वास्तविक संबंध इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है से है। परीक्षा सार: पीटमय और दलदली मिट्टी को “केरल के कुछ भागों, तटीय आर्द्रभूमियों और खराब जलनिकास वाले अवसादों में पाई जाती है” और “इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है” से जोड़कर याद रखें।