भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है” तथा “लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प C — पीटमय और दलदली मिट्टी। पीटमय और दलदली मिट्टी की सही पहचान इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है के रूप में होती है। पीटमय और दलदली मिट्टी का संबंध लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है से भी है। पीटमय और दलदली मिट्टी की एक अन्य पहचान इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है है। पीटमय और दलदली मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — खादर: खादर नई गाद का पुनर्निक्षेपण इसे सामान्यतः अत्यधिक उपजाऊ बनाता है है। यहां यह गलत है क्योंकि खादर का वास्तविक संबंध पुराने जलोढ़ सोपानों की तुलना में इसमें अधिक बार बाढ़ आती है से है। • विकल्प B — बांगर: बांगर इसकी मृदा परत में कैल्शियमयुक्त कंकर ग्रंथियां मिल सकती हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि बांगर का वास्तविक संबंध खादर की तुलना में बाढ़ द्वारा इसका नवीकरण कम होता है से है। • विकल्प D — जलोढ़ मिट्टी: जलोढ़ मिट्टी इसमें सामान्यतः बालू, गाद और चिकनी मिट्टी अलग-अलग अनुपात में होती है है। यहां यह गलत है क्योंकि जलोढ़ मिट्टी का वास्तविक संबंध यह चावल, गेहूं, गन्ना और जूट जैसी फसलों को सहारा देती है से है। परीक्षा सार: पीटमय और दलदली मिट्टी को “इसमें सामान्यतः अधिक ह्यूमस होता है और यह अम्लीय हो सकती है” और “लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है” से जोड़कर याद रखें।