निम्न में से कौन चन्द्रगुप्त द्वितीय के नवरत्नों में नहीं था?
व्याख्या
हरिषेण समुद्रगुप्त का दरबारी कवि व मंत्री था और उसने प्रयाग प्रशस्ति की रचना की; उसे चन्द्रगुप्त द्वितीय के परंपरागत नवरत्नों में नहीं रखा जाता। कालिदास, धन्वंतरि और वराहमिहिर परंपरागत नवरत्न-सूची में आते हैं, यद्यपि यह सूची मुख्यतः बाद की परंपरा है। परीक्षा में गलत विकल्प प्रायः किसी वास्तविक नाम या तथ्य को दूसरे शासक, लेखक, रचना, स्थान अथवा शताब्दी से जोड़कर बनाए जाते हैं। इस प्रकार सही उत्तर केवल परिचित नाम नहीं, बल्कि सभी उपलब्ध संकेतों से प्रमाणित विकल्प है।